Thursday, March 23, 2017

नमन

आओ नमन करें उन वीरों को
तन आजादी के लिये न्यौछावर किया
कभी भूलें उन वीरों को
हमारी रक्षा हेतु खुद को छलनी किया

कुछ सीख लो जयचंद की औलादों
चंद सिक्कों की खातिर गुलाम मत बनो
इतिहास गवाह है सुन लो गद्दारों
विदेशी ताकतों के गुलाम मत बनो

ज़िंदा रखो आजाद रहने की लालसा
एकता अखंडता की मिसाल बनो
रखो वीरों के वंशज बनने की लालसा

देश की खातिर मिटने की मिसाल बनो

Wednesday, March 22, 2017

यूं तो सैकड़ों दर्दमंद

यूं तो सैकड़ों दर्दमंद मिलते हैं, काम के लोग चंद मिलते हैं।
जब मुसीबत का वक्त आता है, सब के दरवाजे बंद मिलते हैं।।

आप गैरों की बात करते हैं, हमने अपने भी आजमाएं हैं।
लोग कांटों से बच के चलते हैं, हमने फूलों से जख्म खायें हैं।।

तेरी ज्योति से नूर मिलता है, गमे दिल को सरूर मिलता है।
जो भी आता है तेरे द्वार पर, उसे कुछ कुछ जरूर मिलता है।।

तेरी शोहरत को सुनके आता हूं, बड़ी उम्मीद तेरे दर में लगाता हूं।
किसी को मान देता है किसी को ज्ञान देता है, पर अपने सेवकों को श्रीचरणों में स्थान देता है।।

यूं तो सैकड़ों दर्दमंद मिलते हैं, काम के लोग चंद मिलते हैं।

जब मुसीबत का वक्त आता है, सब के दरवाजे बंद मिलते हैं।।

परवाज

जीने की तमन्ना दिल में बहुत है
आगे बढ़ने का हौसला बहुत है
रोज गिरता हूं मैं ठोकर खा कर
सपने पाने की परवाज बहुत है


Monday, March 20, 2017

ईश्वर


ये कोमल हाथ तेरे
ये छोटे पैर मेरे
हमेशा रखते ख्याल मेरे
रक्षा करते हाथ तेरे
कठिन जोखिम से भरी ज़िन्दगी
आसान करते हाथ तेरे
दुर्गम पथ पार कर जाऊं मैं
सहारा देते हाथ तेरे
तुझ पर नमस्तक रहूं सदा

हे ईश्वर चरणों में रहूं तेरे

Saturday, March 18, 2017

ससुराल


मैं तो छोड़ चली ससुराल के द्वार
अपना घर प्यारा लगे
मायके की पुरानी हो गई बात
अपना घर न्यारा लगे
सुहाये ननद जेठानी
मैं रानी पिया राजा लगे

मैं तो छोड़ चला अपना देश
ससुराल मुझे प्यारी लगे
सासूमां का छलकता प्यार
सालियां बहुत ही न्यारी लगे
उमड़ता आदर प्रेम भाव
सासूमां को मैं राजा लगे

जीत गया अब मैं चुनाव
मंत्री पद प्यारा लगे
सब ओर हो जय जय कार
नोटों की वर्षा न्यारी लगे
कर दिए घोटाले दो चार
अब तो ससुराल प्यारी लगे


Friday, March 17, 2017

हमराही


मिला जो वो मुझे हमराही बन गया
सूना जो था जीवन संवर गया
तनहा ज़िन्दगी को गुलज़ार कर गया
जीवन जीने की कला सिखा गया
कभी जीवन में खटास भर गया
कभी जीवन में मिठास भर गया
हमराही जीने के नए अध्याय दे गया
नटखट ज़िन्दगी को गंभीर बना गया
हमराही मेरा नटखट भी है प्यारा भी
जीवन में अनेकों रंग भरता चला गया
हमराही मेरा बालक भी है अध्यापक भी
जिन्दगी के मायने सिखाता चला गया
बड़ा चुलबुल है मेरा हमराही
चहक कर खुशबू बिखेरता चला गया
उफ़ सांझ में अकेला छोड़ गया हमराही
अब उसकी यादों में समय बिताता चला गया



नमन

आओ नमन करें उन वीरों को तन आजादी के लिये न्यौछावर किया कभी न भूलें उन वीरों को हमारी रक्षा हेतु खुद को छलनी किय...