Tuesday, July 25, 2017

आ बैठ मेरे कोल


बैठ मेरे कोल तेनू तकदी रवां, मुंहों कुछ क्वां
तेरे चरणा दे कोल मैं बैठी रवां, मुंहों कुछ क्वां।

सूरत तेरी प्यारी लगदी-प्यारी लगदी बड़ी सोहणी लगदी
तेरी सूरत नूं देख-देख जींदी रवां, मुंहों कुछ क्वां।

बैठ मेरे कोल तेनू तकदी रवां, मुंहों कुछ क्वां
दर्शन तेरा प्यारा लगे-प्यारा लगे बड़ा सोहणा लगे

बैठ मेरे कोल तेनू तकदी रवां, मुंहों कुछ क्वां
लोंकी मैनू ताने मारदे-ताने मारदे, बड़े ताने मारदे

ऐना लोंका दे ताने मैं सहदी रवां, मुंहों कुछ क्वां
बैठ मेरे कोल तेनू तकदी रवां, मुंहों कुछ क्वां

हर पल तेरा ध्यान करा-ध्यान करा, मैं भजन तेरा करा
तेरे चरणा दे कोल मैं बैठी रवां, मुंहों कुछ क्वां।

बैठ मेरे कोल तेनू तकदी रवां, मुंहों कुछ क्वां

तेरे चरणा दे कोल मैं बैठी रवां, मुंहों कुछ क्वां।

Monday, July 24, 2017

बुढापा


कुछ उम्र में बढ़ गया
कुछ जिस्म ढल गया
कुछ पुराना हो गया
कुछ बुढापा गया
कुछ अनुभव गया
कुछ कद्र भी पा गया
कुछ नए को समझा गया
कुछ बेक़द्र भी हो गया
कुछ दिल को समझ गया
कुछ नही पूरा बुढापा गया



हादसा


कुछ उम्र का पड़ाव था
कुछ उमंगें जागी थी
कुछ नयन जुदा से देखने लगे
कुछ दिल की धड़कने तेज हुई
कुछ पढ़ने में दिल नही लगता था
कुछ बरसात में भीगने को जी करता था
कुछ ऐसे ही उनसे मुलाकात हुई
कुछ नयन आपस में बात करने लगे
कुछ और क्या लिखे वो बस हादसा था
कुछ पलटा समय हादसा इतिहास बन गया
कुछ मैं उनका कुछ वो मेरी हुई
कुछ हादसा एक दूसरे की गुलामी का हुआ


परछाई

मैं उसकी परछाई वो मेरी परछाई है
दोनो जुदा नही दूसरे के हमराही हैं

क्या हुआ अगर मेरी वो परछाई है
साथ चलती लगती वो हरजाई है

कभी आगे कभी पीछे मेरा जीवनसाथी
हर कदम साथ निभाती मेरी वो अच्छाई है

मैं भी उसका हमसफर और परछाई हूं

जीवन भर साथ निभाने की कसम खाई है

Monday, July 10, 2017

संदेश


मिला संदेश आने का
दौड़ कर पहुंच गए
कुछ नाराज से थे
मेरे हमदम मेरे खुदा
मिन्नत बहुत की
फिर भी रहे नाराज वो
खता क्या है
मुझे बता भी दे
मेरे हमदम मेरे खुदा
छोड़ी जाए
बंदगी उसकी
वो नाराज ही सही
मिलता तो है
कब मिलेगा तू
अब तो बता दे
मिलने का संदेश

अब तो भेज दे

आ बैठ मेरे कोल

आ बैठ मेरे कोल तेनू तकदी रवां , मुंहों कुछ न क्वां तेरे चरणा दे कोल मैं बैठी रवां , मुंहों कुछ न क्वां। सूरत ते...