Tuesday, January 23, 2018

वृद्धाश्रम



छियासी वर्ष की उम्र में गिरधारी लाल एकदम चुप रहने लगे। पहले सबसे बोलते और खुशी गमी के सभी मौकों पर आगे रह कर सबका मार्गदर्शन करते थे। पिछले वर्ष जीवन संगनी के स्वर्ग सिधारने के पश्चात चुप हो गए। रुपये पैसों की चिंता नही थी। अंतिम पड़ाव में सिर्फ दवा का ही खर्च करते थे। दो समय की रोटी बच्चों के साथ खा लेते थे। बच्चे अपने आप में और काम में मस्त। समय कटता नही औऱ रात में नींद आती नही।

घर के समीप एक वृद्धाश्रम खुला। गिरधारी लाल हर सुबह वृद्धाश्रम जाकर रह रहे बूढ़ों से मिलते, उनसे बातें करते औऱ शाम को घर जाते।
"पापा आप सारा दिन कहां रहते हो? हमें चिंता होती है। आप घर रहा करो। जो चाहिए, हमें कहिए।" एक दिन बडे पुत्र मनोहर ने कहा।
"बेटे मैं पूरा दिन वृद्धाश्रम रहता हूं।"
"पापा हमनें आपको कोई शिकायत का मौका दिया। किस चीज की कमी है आपको घर में, बताएं। आप को किस ने वृद्धाश्रम जाने को कहा।" मनोहर नाराज हो गया।
"बेटा कहा किसी ने नही लेकिन तुम सब अपने काम में अधिक व्यस्त रहते हो। सारा दिन अकेला दीवारें देखता रहता हूं, इसलिए वृद्धाश्रम जाकर वहां रह रहे बूढों से बातचीत करता हूं और उनकी समस्याओं को समझ कर दूर करने का प्रयास करता हूं।"

कुछ सोच कर मनोहर ने गिरधारी लाल से कहा "पापा किसी की आर्थिक मदद करनी हो तब मुझसे बिना झिझक मांग लेना। आपने रहना हमारे साथ है।"
गिरधारी लाल ने बस इतना कहा "बस सारे बच्चे तुम्हारे जैसे हो जाएं तब वृद्धाश्रम की जरूरत ही नही।"


Tuesday, January 16, 2018

परिंदे की ऊंची उड़ान

परिंदे की ऊंची उड़ान से जलन होती है
प्रभु ने हमें पंख क्यों नही दिए हैं
सिर्फ ख्वाब में ही उड़ते है हम
हकीकत में धम से गिरते हैं हम
दूर जाकर भी परिंदे लौट आते है
शाम होते अपने घर
दूर बस जाते हैं अपने आशियाने से
कभी नही लौटते हम अपने घर



शौषण


ऑफिस पहुंच कर रोहन को कुछ अजीब लगा। उसे अहसास हुआ कि सारी निगाहें उसकी ओर अजीब सी चुभन के साथ घूर रही है। गुड मॉर्निंग का जवाब भी आधे साथियों ने बेमन दिया। अपनी सीट पर बैठा ही था कि एचआर हेड ने अपने केबिन में बुलवाया।
"रोहन तुम्हारे खिलाफ यौन शौषण की शिकायत है।"
"क्या?" रोहन चौंक गया। "किसने शिकायत की?"
"रायमा ने शिकायत दर्ज की है। जब तक इस शिकायत पर समिति कोई निर्णय नही लेती। आप ऑफिस नही सकते। जांच समिति आपको समय और तिथि बता देगी। समिति के सामने आपको अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा।"
रोहन की तरह रायमा को भी ऑफिस आने की मनाही थी। रायमा कैसे उस पर इल्जाम लगा सकती है। ऑफिस से निकल कर रोहन ने रायमा से फोन पर बात करनी चाही लेकिन फोन नही मिला। रोहन उसके घर गया लेकिन वह वहां भी नही मिली।
निर्धारित तिथि पर रायमा - "चार दिन पहले ऑफ्फिशल टूर पर कंपनी के गेस्ट हाउस में रोहन ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।"
रोहन चिल्लाया "यह झूठ है। खुद अपनी मर्जी से मेरे पास आई थी। हमारे शारीरिक संबंध कई बार बन चुके हैं। कभी जबरदस्ती नही हुई।"
एचआर हेड - "कंपनी के ऑफ्फिशल टूर पर कंपनी के गेस्ट हाउस में यह हरकत बर्दास्त से बाहर है। चाहे तुमने आपसी रजामन्दी से शारीरिक संबंध बनाए हो या जबरदस्ती। तुम्हे बर्खास्त किया जाता है।"
बाहर आने के पश्चात लुटे पिटे रोहन ने रायमा से पूछा "ऐसा क्यों किया मेरे साथ?"
"मेरी शादी तय हो गई है और मैं तुमसे छुटकारा चाहती हूं। अब तुम मेरे बारे में सपने में भी नही सोच सकते।"
रोहन चुपचाप सोचते हुए आगे बढ़ गया कि रायमा ने उसका शौषण क्यों किया।



वृद्धाश्रम

छियासी वर्ष की उम्र में गिरधारी लाल एकदम चुप रहने लगे। पहले सबसे बोलते और खुशी गमी के सभी मौकों पर आगे रह कर स...