Saturday, January 31, 2009

हँसी

हँसो तो हँसो छोटे बच्चे की किलकारी की तरह
वरना अपना वक़्त बर्बाद करने की ज़रूरत क्या है
मत रोको बच्चों को हँसने से
क्या पता बाद में ख़ुद को रोना पड़े
यह आज मुझे क्या हो रहा है
उधासी में होंठो पर हँसी है

वृद्धाश्रम

छियासी वर्ष की उम्र में गिरधारी लाल एकदम चुप रहने लगे। पहले सबसे बोलते और खुशी गमी के सभी मौकों पर आगे रह कर स...