Thursday, June 03, 2010

समय

समय की  चलने की आदत है
आदमी की  रुकने की आदत है
समय ठहरता नही, चलता जाता है
आदमी चलते चलते ठहर जाता है
समय कभी कमजोर नही होता है
आदमी समय के सामने कमजोर पढ़ जाता है
समय आदमी को देख हंसता रहता है
आदमी समय की हँसी देख डर जाता है
समय आदमी के साथ चलता रहता है
आदमी समय के साथ नही चल पता है
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