Friday, July 09, 2010

स्वयं

मैं स्वयं नही हूँ.
मैं पति हूँ, पत्नी हूँ.
मैं पिता हूँ, माता हूँ.
मैं पुत्र हूँ, पुत्री हूँ.
मैं भाई हूँ, बहन हूँ.
मैं जमाई हूँ, बहू हूँ.
मैं समाज के हर रिश्ते की
परिभाषा मैं हूँ,
पर स्वयं नही हूँ.
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