Thursday, August 25, 2011

प्रात: स्मरण

प्रात: स्मरण


कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती

करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम् ।

समुवसने देवी पर्वतस्तनमण्डले

विष्णुपत्नी नमस्तुभ्यं पादस्पर्श क्षमस्व मे ।।



हाथ (हथेली) के अगले भाग में लक्ष्मी का निवास है, हाथ (हथेली) के मध्य में सरस्वती तथा हथेली मूल (मणिबन्ध) में ब्रह्मा जी विराजमान हैं, प्रात: काल हाथ (हथेली) का दर्शन करें। हे पृथ्वी माता ! समुद्र आप के वस्त्र हैं, पर्वत आप के स्तनमण्डल हैं, हे विष्णुजी की पत्नी ! मैं आपको प्रणाम करता हूं – मेरे द्वारा आपका पांव से (अपने) स्पर्श के लिए क्षमा प्रार्थी हूं।



Morning Prayer



On the fore from of hand (palm – tips of the fingers) resides Lakshmi (Goddess of Wealth).

In the centre thereof resides Saraswati (Goddess of Learning). In the bottom of the palm resides Lord Brahma. Every morning one should look at the palm with reverence.

O Mother Earth! The ocean is Thy clothese, the mountains Thy breast, Thou art the consort of Lord Vishnu, I salute Thee, Kindly excuse me for touching Thee with my feet.



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