Saturday, December 28, 2013

गुणगान करूं तेरा

मुझे ऐसा वर दे दो गुणगान करूं तेरा।
इस बालक के सिर पर प्रभु हाथ रहे तेरा।।

सेवा नित करूं तेरे दर पर जाऊं मैं,
चरणों की धूली को माथे पे लगाऊं मैं,
चरणामत पी कर के नित भजन करू तेरा।
इस बालक के सिर पर प्रभु हाथ रहे तेरा।।

भक्ति और शक्ति दो अज्ञान को दूर करो,
अरदास करूं भगवन अभिमान को दूर करो,
नही द्वेष रहे मन में हो वास प्रभु तेरा।
इस बालक के सिर पर प्रभु हाथ रहे तेरा।।

विश्वास हो ये मन में तुम साथ ही हो मेरे,
तेरे ध्यान में सोऊं मैं सपनों में मिलो आके,
चरणों से लिपट जाऊं तुम ख्याल रखो मेरा।
इस बालक के सिर पर प्रभु हाथ रहे तेरा।।

एक आस यही मेरी तुम दर्शन देते रहो,
हे दीनबंधु मेरी तुम खबर ही लेते रहो,
मेरे होठों पे भगवन रहे नाम सदा तेरा।
मुझे ऐसा वर दे दो गुणगान करूं तेरा।

इस बालक के सिर पर प्रभु हाथ रहे तेरा।।

(परंपरागत भजन)
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