Sunday, December 29, 2013

मेरा सत्तगुरू पीरां दा पीर

मेरा सत्तगुरू पीरां दा पीर,
मन मेरा गाया गाया गाया,
नाले शहनशाह नाले फकीर,
मेरा सत्तगुरू पीरां दा पीर।
मन मेरा गाया गाया गाया।।

सुध बुध भूल गई तन मन की,
चिन्ता छोडी जन्म मरण की,
सारी हर गई मन की पीर
मेरा सत्तगुरू पीरां दा पीर।
मन मेरा गाया गाया गाया।।

पाठ प्रेम का ऐसा पढाया,
भक्ति का रास्ता ऐसा दिखाया,
मेरी बदल गई तकदीर,
मेरा सत्तगुरू पीरां दा पीर।
मन मेरा गाया गाया गाया।।

सत्तगुरूआं ने दित्ति ऐसी मस्ती,
मन तो हट गई मेरी हस्ती,
तेरे चरणों में होवे आखिर मस्ती,
मेरा सत्तगुरू पीरां दा पीर।

मन मेरा गाया गाया गाया।।
(परंपरागत भजन)

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