Saturday, January 11, 2014

भाग मेरे जागे

भाग मेरे जागे मुझको राम मिल गया, दुख सारे भागे सुख धाम मिल गया।
सारे जगत ने मुझको ठुकराया, एक प्रभु ने अपना बनाया,
सोया होया चैन ते आराम मिल गया, दुख सारे भागे सुख धाम मिल गया।

छोड सारे जग दे धन्धे हरिगुण गावांगी, झूठी काया माया विच मन ना जगावांगी,
पाके हो गई मस्त, दुख सारे भागे सुख धाम मिल गया।

नाम रूपी अमृत पीके सुद्ध बुद्ध खो गई, राम मेरे हो गये मैं रामजी की हो गई,
सत्संग में आने का आराम मिल गया, दुख सारे भागे सुख धाम मिल गया।

छोड सारे जग दे द्वारे, तेरे द्वारे आवांगी, मंगिआं मुरादा सतगुरू कोलो पावांगी,

इस दर पर आने का आराम मिल गया, दुख सारे भागे सुख धाम मिल गया।

(परपंरागत भजन)
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