Sunday, April 13, 2014

यह दरबार


यह दरबार सच्चे सत्तगुरू का जहां दर्द मिटाये जाते हैं,
दुनियां के सताये लोग यहां सीने से लगाये जाते हैं।
यह महफिल है मस्तानों की हर शख्स यहां का मतवाला,
भर भर के जाम प्रभु नाम के यहां सब को पिलाये जाते हैं।
ऐ जग वालो क्यों डरते हो इस दर पर सीस झुकाने से,
ऐ नदानों यह वो दर है जहां दुख दर्द मिटाए जाते हैं।
ऐ जग वालो जिस प्यारे पर हो खास इनायत सत्तगुरू की,

उन को ही बुलाया आता है और वो ही बुलाये जाते हैं।  

(परंपरागत भजन)
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