Saturday, May 10, 2014

मेरे सतगुरू भगवन

मेरे सतगुरू भगवन तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरी नैया लगा दो पार तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।।

मैं तेरी सेवक हूं, तू मेरा स्वामी है, बहुत बडा है ये रिश्ता।
दुख की संध्या क दूर करो, अब दे दो हमें खुशियों का सवेरा।
मांगू पूजा का मैं उपहार, तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं
मेरे सतगुरू भगवन तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरी नैया लगा दो पार तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।।

तू माता पिता मेरा, तेरे द्वारे आया हूं।
बैगाने हुए क्यूं, मेरे सतगुरू गद्दियां वाले तुम।
मेरा टूटा नहीं विश्वास, तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरे सतगुरू भगवन तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरी नैया लगा दो पार तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।।

मन मंदिर मैं तुझे बिठा कर, आशा के दीप जगाऊं।
अंसुवन से चरण में धोऊं, सांसों की ज्योती जगाऊं।
अब तो दया का हाथ सिर पर रख दो मेरे, तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरे सतगुरू भगवन तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरी नैया लगा दो पार तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।।

अब तो शरण में ले लो मुझे, अंधकार मिटा दो मेरा।
कांटो की राह में हम भटके, अब तो बसंत दिखा दो हमें।
अब तेरे भक्तों पर तेरी कृपा की बरसात, तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरे सतगुरू भगवन तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।
मेरी नैया लगा दो पार तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।।

मेरे सतगुरू भगवन तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।

मेरी नैया लगा दो पार तुझे तेरे भक्त बुलाते हैं।।

(परंपरागत भजन)
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