Sunday, June 08, 2014

किताब



राजकमल प्रकाशन की डॉ. राजकुमार सम्पादिक पुस्तक "कहानियां रिश्तों की - दादा-दादी नाना-नानी"  में मेरी कहानी "बडी दादी" शामिल है। मुझे अति हर्ष है कि पुस्तक में मुंशी प्रेम चन्द की "ईदगाह", जैनेन्द्र कुमार की "रामू की दादी", दीपक श्रीवास्तव की "लघुत्तम समापवर्तक", शिवशंकर मिश्र की "बाबा की उघन्नी", नीलाक्षी सिंह की "ऐसा ही...कुछ भी", हरीचरन प्रकाश की "चश्मे की वैतरणी", कामतानाथ की "बच्चा", शैलेन्द्र सागर की "ब्रंच", सूर्य बाला की "दादी और रिमोट", शिवप्रसाद सिंह की "दादी मां" और कृष्णा सोबती की "दादी अम्मा" के साथ मेरी कहानी "बडी दादी" प्रकाशित हैं।



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