Monday, June 16, 2014

औंकार

औंकार प्रभु तेरा नाम, गुन गावे संसार तमाम
प्राण स्वरूप प्राणों से प्यारे, दुःख दूर करन वाले।
सुख स्वरूप सुखों के दाता, अंत ना कोई तुम्हारा पाता।
सारे जग को पैदा करता, सबसे उत्तम आप रहता।
हे ईश्वर हम तुझे ध्यावे, पाप के पास ना जावे।

बुद्धी करो हमारी उज्वल, जीवन हो हमारा निर्मल।
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