Sunday, February 22, 2015

बस एक बार

बस एक बार मुड़ कर देखें
वो बचपन के अल्हड दिन
बस एक बार मुड़ कर देखें
वो बचपन की किलकारी हंसी
बस एक बार मुड़ कर देखें
वो बचपन में आसमान छूते छोटे छोटे हाथ
बस एक बार मुड़ कर देखें
वो बचपन की मस्तियां नादानियां
बस एक बार मुड़ कर देखें
वो छोटे हाथों का कबूतर बिल्लियों के पीछे भागना
बस एक बार फिर मुड़े
वो गीले शिकवे छोड़ दें
बस एक बार फिर मुड़े
वो भेद भाव छोड़ दें
बस एक बार फिर मुड़े
वो अशांति छोड़ दें
बस एक बार फिर मुड़े
वो हिंसा छोड़ दें
बस एक बार फिर मुड़े
वो तनाव ज़िन्दगी में छोड़ दें
बस एक बार फिर मुड़े
वो करें इस्त्री जीवन की सलवटों पर
बस एक बार फिर मुड़े
वो क्या तेरा क्या मेरा
बस एक बार फिर मुड़े
वो बस सब कुछ एक दूजे पर अर्पित
बस एक बार फिर मुड़े

वो ज़िन्दगी जियें वोही ज़िन्दगी
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