Monday, July 13, 2015

हरी का भजन



हरी का भजन करो हरी है तुम्हारा, हरी के भजन बिना नहीं गुजारा।
हरी नाम से तेरा काम बनेगा, हरी नाम ही तेरे साथ चलेगा।
हरी का नाम लेने वाला, हरी का है प्यारा।
हरी का भजन करो हरी है तुम्हारा, हरी के भजन बिना नहीं गुजारा।

कोई कहे राधे श्याम, कोई कहे सीता राम,
कोई कहे गिरधर गोपाल, कोई कहे माधव लाल,
वही हरी दीन बंधु, वही हरी करुणा सिंधु नमो बारम्बार।
हरी का भजन करो हरी है तुम्हारा, हरी के भजन बिना नहीं गुजारा।

दुःख सुख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ,
हरी गुण गाते जाओ, हरी को रिझाते जाओ,
वही दीन बंधु वही हरी करुणा सिंधु सबका है प्यारा।
हरी का भजन करो हरी है तुम्हारा, हरी के भजन बिना नहीं गुजारा।

दीनों पर दया करो बने तो सेवा भी करो,
मोह सब दूर करो, प्रेम हरी ही से करो,
यही भक्ति यही भोग यही ज्ञान सारा।
हरी का भजन करो हरी है तुम्हारा, हरी के भजन बिना नहीं गुजारा।


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