Tuesday, September 22, 2015

सतगुरु तुम्हारे प्यार ने


सतगुरु तुम्हारे प्यार ने जीना सीखा दिया
मुझको तुम्हारे प्यार ने इंसा बना दिया।

भूला हुआ था रास्ता भटका हुआ था मैं,
किस्मत ने दर पे आने के काबिल बना दिया,
मुझको तुम्हारे प्यार ने इंसा बना दिया।

रहते हो मेरी नज़रों में हर घडी आप ही,
मस्ती का जाम आप ने ऐसा पिला दिया,
मुझको तुम्हारे प्यार ने इंसा बना दिया।

जिस दिन से मुझको आपने अपना बना लिया,
दोनों जहां को मैंने दिल से भुला दिया,
मुझको तुम्हारे प्यार ने इंसा बना दिया।

जिसने किसी को आज तक सजदा नहीं किया,
वो सर ही मैंने आप के दर पे झुका दिया,
मुझको तुम्हारे प्यार ने इंसा बना दिया।


Post a Comment

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी , खुशी की घड़ियां मना रहे हैं करें बयां क्या सिफ़त तुम्हारी , जबां में ताले पड़े हैं। सु...