Friday, October 30, 2015

निवेदन

निवेदन 

त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विध्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव ।।

तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो, तुम्ही हो बन्धु, सखा तुम्ही हो। तुम्ही हो विध्या, धन भी तुम्ही हो। हे देव मेरे, सब कुछ तुम्ही हो।

Submission 1


You are my mother, father, brother and companion. You alone are knowledge and wealth. O Lord you are every thing to me.
Post a Comment

मौसम

कुछ मौसम ने ली करवट दिन सुहाना हो गया रिमझिम बूंदें पड़ने लगी आषाढ़ में सावन आ गया गर्म पानी भाप बन कर उड़ गया ...