Monday, November 16, 2015

प्रभु तेरी शरण तजकर


प्रभु तेरी शरण तजकर शरण पाने कहां जाएं।
दिए दुःख दर्द दुनिया ने तो दीवाने कहां जाएं।।

अगर भक्तों की भक्ति का निर्माण हो जाए।
हमारी हर तमन्ना का सफ़र आसान हो जाए।।
बहुत उलझी पड़ी उलझनों को सुलझाने कहां जाए।
प्रभु तेरी शरण तजकर शरण पाने कहां जाएं।।

सुना है काम आती है तेरे नाम की दौलत।
तेरे दर पर ज़माने की भला किस काम की दौलत।
मिले मस्ती तेरे दर पर तो मस्ताने कहां जाएं।
प्रभु तेरी शरण तजकर शरण पाने कहां जाएं।।

जहां पर फूल हंसता है वहीँ भवरे भी आते हैं
जहां दिलबर बसे उनका वहीँ तो दिल लगाते हैं।
शम्मा जलती हो महफ़िल में तो परवाने कहां जाएं।
प्रभु तेरी शरण तजकर शरण पाने कहां जाएं।।

यहीं है आखरी मंज़िल यही असली ठिकाना है।
यही है देव घर अथवा मति मंदिर सुहाना है।
पथिक तेरे उपासक हैं भजन गाने कहां जाएं।

प्रभु तेरी शरण तजकर शरण पाने कहां जाएं।।
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