Tuesday, November 17, 2015

शयन समय की प्रार्थना

शयन समय की प्रार्थना

करचरणकृतं वाक्-कायजं कर्मजं वा
श्रवणनयमजं वा मानसं वापराधम् ।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत् क्षमस्व
जय जय करूणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ।।

मेरे द्वारा जाने व अनजाने में कर्मेंन्दियों जैसे हाथ पैर व वाणी तथा ज्ञानेन्द्रियों जैसे कान, आंख व मन द्वारा किए गए अपरोधों को अपार दया के सागर महादेव शम्भो, सभी प्रकार से क्षमा करें।


Bed time Prayer



I have Committed wrong actions knowingly or unknowingly either through my organs of actions e. g. hands, feet & speech or through my organs of perception e.g. ears, eyes & mind. O Lord Mahadeva Sambho! (Bhagavat Siva), the ocean of kindness, kindly forgive me my wrong actions in all respects.
Post a Comment

विवाह उपरांत पढ़ाई

अनुप्रिया पढ़ने में होशियार थी। हर वर्ष स्कूल में प्रथम स्थान पर रहती थी। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन कॉलेज में भी कम नही हुई। उसकी इच्छा दिल्ल...