Monday, November 16, 2015

क्षमा प्रार्थना

क्षमा प्रार्थना

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम् ।
पूजाम् चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर ।।
अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेहर्निशं मया ।
दासोयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर  ।।

मैं आवाहन पूजन और विसर्जन कुछ भी नही जानता हूं। हे परमेश्वर मेरे को क्षमा करो।
मेरे द्वारा दिन रात हजारों प्रकार के अपराध होते रहते हैं। मैं आपका दास हूं,
यह मान कर हे परमेश्वर मुझे क्षमा कर दो।


Apology


I do not know how to invite or call you or worship you, nor I know how to relinquish.
So, O God kindly pardon me.


Thousand of sins are being committed by me day and night, even then considering me as your humble servant, O Lord of the lords! Please pardon me.
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