Tuesday, November 03, 2015

कार्य समर्पण

कार्य समर्पण

कायेन वाचा मनसैन्द्रियैर्वा, बुद्धयात्मना वा प्रकृते: स्वभात् ।
करोमि यधद् सकलं परस्मे, नारायणायेति समर्पयामि ।।

शरीर से, वाणी से, मन से, इन्द्रियों से, बुद्धि से व स्वभाविक गुणों के द्वारा सभी कर्म मैं नारायण को अर्पण करता हूं।

Dedication of actions

Whatever actions I perform with my body, speech, mind, senses, intellect or by my nature, I dedicate them all to the Lord Narayana.


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