Tuesday, November 17, 2015

श्री राम, श्री हरी

श्री राम, श्री हरी


श्री राम जय राम जय जय राम ।
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे
हे नाथ नारायण वासुदेव ।

धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो,
प्राणियों में सदभावना हो, विश्व का कल्याण हो,
गोहत्या बन्द हो, गोमाता की जय हो,
हर हर महादेव ।



Post a Comment

जगमग

दिये जलें जगमग दूर करें अंधियारा अमावस की रात बने पूनम रात यह भव्य दिवस देता खुशियां अनेक सबको होता इंतजार ...