Monday, November 16, 2015

सतगुरु की कृपा वही पावे


सतगुरु की कृपा वही पावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।
प्रभु की महिमा गुरु ने बताई, पूजा विधि सब गुरु ने सिखाई।
भक्ति का भाव बतावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।
सतगुरु की कृपा वही पावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।

बिन गुरु ज्ञान कभी नहीं मिलता, फूल हृदय का कभी नहीं खिलता।
ज्ञान की ज्योति जगावे जी, गुरु का ध्यान लगावे जी।
सतगुरु की कृपा वही पावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।

बुरा काम तो कभी नहीं करना, सत्कर्मो में आगे रहना।
सत्पथ राह दिखावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।
सतगुरु की कृपा वही पावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।

कहे मोहन कर गुरु की भक्ति, गुरु ही दिलाएंगे तुझे मुक्ति।
मुक्ति का मार्ग बताएं जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।

सतगुरु की कृपा वही पावे जी, गुरु का जो ध्यान लगावे जी।
Post a Comment

जगमग

दिये जलें जगमग दूर करें अंधियारा अमावस की रात बने पूनम रात यह भव्य दिवस देता खुशियां अनेक सबको होता इंतजार ...