Wednesday, June 29, 2016

मेरे घर के आगे श्याम


मेरे घर के आगे श्याम, तेरा मंदिर बन जाए।
जब खिड़की खोलूं तो तेरा दर्शन हो जाए।।

जब होगी आरती तेरी, घंटी यह सुनाई देगी,
मुझे रोज सवेरे तेरी सूरत यह दिखाई देगी।
जब भजन करे कोई, मुझे को भी सुन जाए,
मेरे घर के आगे श्याम, तेरा मंदिर बन जाए।
जब खिड़की खोलूं तो तेरा दर्शन हो जाए।।

मैं आते-जाते कान्हा तुझको प्रणाम करूंगी,
जो मेरे लायक होगा, मैं तेरा काम करूंगी।
तेरी सेवा करने से, मेरी किस्मत खुल जाए,
मेरे घर के आगे श्याम, तेरा मंदिर बन जाए।
जब खिड़की खोलूं तो तेरा दर्शन हो जाए।।

नजदीक रहेंगे दोनों और आना-जाना रहेगा,
हम दोनों का श्याम बस एक ठिकाना होगा।
बस साथ रहें हम दोनों, जल्दी वह दिन आए,
मेरे घर के आगे श्याम, तेरा मंदिर बन जाए।
जब खिड़की खोलूं तो तेरा दर्शन हो जाए।।

परंपरागत भजन


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