Sunday, June 12, 2016

मंगा मंगदी मैं तेरे

मंगा मंगदी मैं तेरे दर ते आवां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये
मालिका के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये।

याद रखां गी मैं वादे कीते गुरु चरणां विच जीवन बीते
तेरी बन के मैं तेरी कहावां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये मालिका
मंगा मंगदी मैं तेरे दर ते आवां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये
मालिका के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये।

बूटा लाया बाग़ दे माली आप करो इसदी रखवाली
रखी नज़रा में कद्दी ना कुमलावां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये मालिका
मंगा मंगदी मैं तेरे दर ते आवां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये
मालिका के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये।

हो के दीवानी मैं प्रीतां लाईयां तोड़ निभांवी कमली दे साईआं
मेरा रोम रोम देवे दुहाइयां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये मालिका
मंगा मंगदी मैं तेरे दर ते आवां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये
मालिका के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये।

शाम जिआं कोई होर ना होणा तेरा दरबार सारे जग नाले सोणा
जित्थे बैठे ने सतगुरु प्यारे सोणे ने थईयां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये मालिका
मंगा मंगदी मैं तेरे दर ते आवां के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये
मालिका के तेरी मेरी तोड़ निभ जाये।


परंपरागत भजन
Post a Comment

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी , खुशी की घड़ियां मना रहे हैं करें बयां क्या सिफ़त तुम्हारी , जबां में ताले पड़े हैं। सु...