Monday, July 25, 2016

न जाओ छोड़ कर मोहन

न जाओ छोड़ कर मोहन, याद में हम तो तड़पेंगे
दुखेंगे नैन बिन तेरे, विरह हम सह न पाएंगे।

तड़पती राधिका रानी, बिलखती यशोदा मईया है।
दुःखी वह नन्द बाबा हैं, कहां जाने कन्हैया है,
कहें ये ग्वाल बिन तेरे, न हम गैय्या चरायेंगे।
न जाओ छोड़ कर मोहन, याद में हम तो तड़पेंगे
दुखेंगे नैन बिन तेरे, विरह हम सह न पाएंगे।

कन्हैया लेके जाते हो, क्रूर हमको सताते हो,
काम क्या कंस को इनसे, हमें क्यों न बताते हो,
न जाने देंगे ब्रज से हम, न मथुरा श्याम जायेंगे।
न जाओ छोड़ कर मोहन, याद में हम तो तड़पेंगे
दुखेंगे नैन बिन तेरे, विरह हम सह न पाएंगे।

यह वंशी वट रहे सूना, यह यमुना का किनारा है,
कदम्ब पर कौन चढ़ कर के चुराये दिल हमारा है,
कहे यों मोहन बिन तेरे, श्याम हम जी न पाएंगे।
न जाओ छोड़ कर मोहन, याद में हम तो तड़पेंगे
दुखेंगे नैन बिन तेरे, विरह हम सह न पाएंगे।

परंपरागत भजन


Post a Comment

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी , खुशी की घड़ियां मना रहे हैं करें बयां क्या सिफ़त तुम्हारी , जबां में ताले पड़े हैं। सु...