Monday, July 04, 2016

मुड़ कर


कभी यूं मुड़ कर देखिए
वो समय कितना हसीन है
वो यादें कितनी सुहानी हैं
मुस्कान लबों पर आ जाती है

आज यूं ही मुड़ कर देखा है
आज मौसम बहुत हसीन है
बादल काले सुहाने छाए हैं
दिल शायराना हुआ जा रहा है

यका-यक फुहार पड़ने लगी
तन की तपिश घटने लगी
मन की ख्वाहिश बढ़ने लगी

मुस्कान लबों पर आने लगी
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