Friday, August 26, 2016

कोई कहे गोविन्द


कोई कहे गोविन्द, कोई कहे गोपाला।
मैं तो कहूं सांवरिया, बांसुरी वाला।।

राधा ने श्याम कहा, मीरा ने गिरधर,
कृष्णा ने कृष्ण कहा, कुबजां ने नटवर,
ग्वालों ने तुमको पुकारा ग्वाला।
कोई कहे गोविन्द, कोई कहे गोपाला।
मैं तो कहूं सांवरिया, बांसुरी वाला।।

मैय्या तो कहती तुमको कन्हैया,
घनश्याम कहते हैं बलराम भैय्या,
सूर जी की आंखों के तुम हो उजाला।
कोई कहे गोविन्द, कोई कहे गोपाला।
मैं तो कहूं सांवरिया, बांसुरी वाला।।

भीष्म जी के बनवारी, अर्जुन के मोहन,
छलिया ही कहकर पुकारे दुर्योधन,
कंस तो कहता था जलकर के काला।
कोई कहे गोविन्द, कोई कहे गोपाला।
मैं तो कहूं सांवरिया, बांसुरी वाला।।

अच्युत युधिष्ठर के, ऊधो के माधव,
भक्तों के भगवन संतो के केशव,
मोहन भजते कह कर कृपाला।
कोई कहे गोविन्द, कोई कहे गोपाला।
मैं तो कहूं सांवरिया, बांसुरी वाला।।


परंपरागत भजन
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