Wednesday, August 03, 2016

जब छोड़ चलूं इस दुनिया को


जब छोड़ चलूं इस दुनिया को, होठों पे तुम्हारा नाम रहे
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, हृदय में तुम्हारा धाम रहे।

तन श्याम नाम की चादर हो, जब गहरी नींद में सोया रहूं
कानों में मेरे गुंजित कान्हा, उस वक्त तुम्हारा नाम रहे।
जब छोड़ चलूं इस दुनिया को, होठों पे तुम्हारा नाम रहे
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, हृदय में तुम्हारा धाम रहे।

रस्ते में तुम्हारा मंदिर हो, जब मंजिल को मैं गमन करुं
चौखट पे तेरी मोहन, मेरा अंत समय प्रणाम रहे।
जब छोड़ चलूं इस दुनिया को, होठों पे तुम्हारा नाम रहे
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, हृदय में तुम्हारा धाम रहे।

उस वक्त कन्हैया जाना, जब चिता पे जाकर शयन करुं
मेरे मुख में तुलसी दल देना, इतना सा तुम्हारा काम रहे।
जब छोड़ चलूं इस दुनिया को, होठों पे तुम्हारा नाम रहे
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, हृदय में तुम्हारा धाम रहे।

गर सेवा की है मैंने तेरी, तब उसका यह उपहार मिले
इस मोहन वीणा का संवारिये, चरणों में सदा स्थान रहे।
जब छोड़ चलूं इस दुनिया को, होठों पे तुम्हारा नाम रहे
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, हृदय में तुम्हारा धाम रहे।

परंपरागत भजन

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