Wednesday, November 30, 2016

कहां जाके पुकार करूं

कहां जाके पुकार करूं, तू ही मेरा ठिकाना है।
किस पे एतबार करूं, जग सारा बेगाना है।।
चाहे बुरा हूं, चाहे भला हूं, आखिर तो बेटा तेरा हूं,
चाहे डुबो दे चाहे बचा ले, कर लिया मैंने खुद को तेरे हवाले,
क्यूं मैं फ़िक्र करूं, तुझे सब कुछ माना है।
कहां जाके पुकार करूं, तू ही मेरा ठिकाना है।

किस पे एतबार करूं, जग सारा बेगाना है।।
तुझ पे भरोसा तुझ पे यकीन है, मेरा तो और कोई नही है,
मेरी कश्ती तूं ही संभाले, कर दी है नैया तेरे हवाले,
किस पे एतबार करूं, जग सारा बेगाना है।।
कहां जाके पुकार करूं, तू ही मेरा ठिकाना है।

किस पे एतबार करूं, जग सारा बेगाना है।।

अरदास

भगवान हो अरदास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।
पिछले पापों वल ना तककी, अगों बुराइयां कोलू ढक्की,
हरदम  नजर मेहर दी रक्खी, जाणी जाण, बिनती खास मेरी है।
भगवान हो अरदास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।

तेरे चरणा ते सिर रक्खा, धोवां चरण मैं रो-रो अखां,
तू उठावें तां सिर चुक्का, जानी जाण, सदियां दी आस मेरी हे।
भगवान हो अरदास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।

तेरियां गीता बाझं जीवां, बाग़ पपीहे पागल थीवा,
स्वाति बूंद नाम दी पीवां, दयावान, मुद्दतां दी आस मेरी है।
भगवान हो अरदास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।

हुण छाती नाल लगा ले, तत्तियां भावां कोलूं बचाले,
बूंद समुन्दर विच मिलाले, ब्रह्म ज्ञान, आत्मा उदास मेरी है।
भगवान हो अरदास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।

मोहन दी बेतुक वाणी, मन दा मासा या तन दी जाणी,
चंद्र, पान, जिन्दगी दी रास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।
भगवान हो अरदास मेरी है, जाणी जाण चरणा दे पास मेरी है।



Monday, November 28, 2016

औंज सारी दुनिया प्यारी है

औंज सारी दुनिया प्यारी है, साडे सत्तगुरु तों प्यारा कोई नही।
जेरा कदम-कदम ते रक्षा करे, गुरु वर्गा होर सहारा ना।।

तेरी शोभा सुनके बैठी, मैं भी तकदीर जगा बैठी,
जिस दिन तों चरण तेरे छुए नें, मेरा डुबिया कोई सितारा ना।
औंज सारी दुनिया प्यारी है, साडे सत्तगुरु तों प्यारा कोई नही।
जेरा कदम-कदम ते रक्षा करे, गुरु वर्गा होर सहारा ना।।

हर वेले ऐहो मंग मांगिए, सेवा सुमिरन सत्संग करिये,
नित खुशियां मांगिए तेरे दर तों, फिर मिलदा जन्म दुबारा ना।
औंज सारी दुनिया प्यारी है, साडे सत्तगुरु तों प्यारा कोई नही।
जेरा कदम-कदम ते रक्षा करे, गुरु वर्गा होर सहारा ना।।

कर जिधर गुरु निगाह देवे, मेहरां दा मीं वर्सा देवे,
पथरां विच कोई पल्या ना, कोई ऐसा पालन हारा नही।
औंज सारी दुनिया प्यारी है, साडे सत्तगुरु तों प्यारा कोई नही।
जेरा कदम-कदम ते रक्षा करे, गुरु वर्गा होर सहारा ना।।




मतभेद

पांच वर्षीय अचिंत घर के बाहर पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते - खेलते दो बच्चे अचिंत की मां के पास शिकायत ...