Monday, November 21, 2016

आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी


आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी।
शीशे से हीरा बनाया कदरदानी आपकी।।

हम भूलेंगे कभी अहसान सत्तगुरु है तेरा,
अपने चरणों में लगाया कदरदानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी।
शीशे से हीरा बनाया कदरदानी आपकी।।

प्रेम सब कुछ है जगत में प्रेम ही एक सार है,
जो चले इस सीख पर तो है निशानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी।
शीशे से हीरा बनाया कदरदानी आपकी।।

दाता तुमने हर जुबां पर इतना मीठा कर दिया,
हर जुबां पर आज सत्तगुरु है कहानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी।
शीशे से हीरा बनाया कदरदानी आपकी।।

श्रद्धा नाले जो दर ते आवे खाली लोट के जायेगा,
अपने हाथों से पिलाई अमृत वाणी आपने,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी।
शीशे से हीरा बनाया कदरदानी आपकी।।



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