Monday, December 05, 2016

चल कर दूर देशों से


चल कर दूर देशों से, तेरे दरबार मैं आया।
खड़ा द्वार पे तेरे मैं, तेरी आशा का धारी हूं।
दिला दो भीख दर्शन की, प्रभु तेरा भिखारी हूं।

फिरा संसार चक्कर में भटकता, रात दिन बिरधा।
बिना दीदार के तेरे, हमेशा मैं दुःख हारी हूं।
दिला दो भीख दर्शन की, प्रभु तेरा भिखारी हूं।

तू ही माता पिता बंधु, तू ही मेरा सहायक है।
तेरे दीदार के दासों का, चरण सेवकारी हूं।
दिला दो भीख दर्शन की, प्रभु तेरा भिखारी हूं।

भरा हूं पापों का, क्षमा कर भूल को मेरी।
वो मोहन सुन विनती, शरण में मैं तिहारी हूं।
दिला दो भीख दर्शन की, प्रभु तेरा भिखारी हूं।


Post a Comment

रेखा और रेखा

गर्भ धारण की डॉक्टर के द्वारा आधिकारिक पुष्टि मिलते ही घर में हर्षोउल्लास छा गया। अब परिवार में चौथी पीढ़ी का पर्दापण होगा। दादा-दादी, मात...