Monday, December 05, 2016

ओ मेरे मनमोहन दर्शन दे दे


मेरे मनमोहन दर्शन दे दे तू, सुनो कन्हाई,
गिरधर मेरे घनश्याम शरण में ले ले, सुनो कन्हाई।
बांके बिहारी सुन दर्शन दे दे तू, सुनो कन्हाई,
नटखट नन्दलाल बिगड़ी बना दे तू, सुनो कन्हाई।
दीवाने तेरे नाम के, तेरे दर पे आए हैं,
दुनिया भर के सारे गम वो मन में छुपाएं हैं,
मेरे मनमोहन दर्शन दे दे तू, सुनो कन्हाई।

जिसने तेरा नाम लिया भक्ति और भाव से,
उसको तूने सहारा दिया बड़े चाव से,
हम भी अपने मन में श्रद्धा के फूल लाए हैं,
छवि तेरी प्यारी है जो दिल में बसाये हैं,
दीवाना मैं हूं तेरा, सहारा तू है मेरा,
तूने लाखों हैं तारे संकट में जो पुकारे,
मेरे मनमोहन दर्शन दे दे तू, सुनो कन्हाई।

गिरधर मेरे घनश्याम शरण में ले ले, सुनो कन्हाई।
दुनिया ने मेरे गिरधर मुझको बड़ा सताया है,
तेरे चरणों में मैंने अपना ध्यान लगाया है,
सबको मैं भूल बैठा तेरी हर याद में,
जीवन को सौंप दिया तेरे विश्वास में,
आंखों से नीर बहाऊं तुझे मैं दिल में छुपाऊं,
जिस दिन मैं ध्यान लगाऊं तुझ पे बलिहारी जाऊं,
मेरे मनमोहन दर्शन दे दे तू, सुनो कन्हाई।
गिरधर मेरे घनश्याम शरण में ले ले, सुनो कन्हाई।


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