Monday, January 02, 2017

नववर्ष


"ग्यारह महीने हो गए घर में रुके हुए, कब जाओगे?"
"इतनी जल्दी क्यों है मुझे विदा करने में?"
"ज़माने का दस्तूर है, सभी ग्यारह महीने का अनुबंध करते हैं। वर्ष से अधिक का अनुबंध किया तो किरायेदार कब्ज़ा ही कर लेता है। मकान पर मालिकाना हक जमा देता है। अब चलते बनो, बोलो कब जाओगे?"
"मेरी फितरत टिकने की नही है। मैं एक वर्ष से अधिक कहीं नही रहा। अंतिम दिन अलविदा कह कर चल देता हूं।"
"यकीन नही होता। इतनी शराफत कि वर्ष के अंतिम दिन रुक्सत।"
"सिर्फ एक महीने की ही तो बात है। दिसंबर की पहली तारीख है। नया किरायेदार ढूंढ लो, पक्का वादा है मेरा, वर्ष की अंतिम तिथि को कमरा खाली कर दूंगा। पहली को नए किरायेदार का स्वागत कीजिये।"
"वादा मुकुरना नही, याद रखना।"
"मैं हर चीज को याद रखता हूं और वादा निभाना भी बखूबी से जानता हूं। खैर छोड़ो इन बातों को, कुछ बीते दिनों की बातें करें। मैंने कोई तकलीफ आपको दी हो तो मुझे मांफ करना। मेरे द्वारा आपको ख़ुशी मिली जरूर कहिये, आपकी ख़ुशी में मैं आनंदित होता हूं।"
"ठीक ही रहा तुम्हारा साथ। कोई विशेष खुशियां तो नही मिली, थोड़ी-थोड़ी तकलीफ तो जरूर रही।"
"दुःख और सुख तो एक सिक्के के दो पहलू हैं। एक जाता है और दूसरा आता है। दोनों एक साथ नही रहते हैं। छत्तीस का आंकड़ा समझ लो दोनों में, कम्बख्त जानी दुश्मन है।"
"दुःख को कहीं दफ़न कर क्यों नही देते तुम। दफ़न नही करो, पता नही कब्र से कब निकल आए। ऐसा करो जला दो। अंतिम संस्कार कर दो हमेशा के लिए कि कभी लौट कर सके।"
"ऐसा हो नही सकता। दोनों आजन्म अमर हैं। हम मर सकते है वो दोनों नही, क्योंकि एक किसी घर से निकलता है और दूसरे के घर में बिन बुलाए मेहमान की तरफ जबरन घुस जाता है। एक निकलता है, दूसरा प्रवेश कर जाता है। एक के आने में हमें खुशी होती है और दूसरे के आने पर गम।"
"तुम अपना वादा याद रख रहे हो ? वैसे तुम्हारे जाने पर कोई दुःख, तकलीफ नही होगी।"
"इसका मतलब यह है कि मैंने दुःख दिया, नया किरायेदार सुख देगा।"
"हर कोई इसी सोच से नए किरायेदार का स्वागत करता है।"
"आशावादी हो। होना भी चाहिए, आशा से हमे ख़ुशी मिलती है।"
"अच्छा दार्शनिक महोदय, मैं इकतीस तारीख का इंतज़ार कर रहा हूं, जब तुम जाओगे।"
उसने कुछ नही कहा, बस मुस्कुरा दिया। अपने वादे का पक्का था। इकतीस तारीख को वो चला गया और एक तारीख को नया किरायेदार गया।
पुराना चला जाता है। कभी-कभी यादें जाती हैं। नए का गर्मजोशी से सभी इंतज़ार करते है जोरदार स्वागत के लिए।
आओ उसका हर्सोउल्लास से स्वागत करें नई खुशियों के लिए।


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