Monday, January 30, 2017

सेल्फी और महिला आयोग


महिला आयोग हर प्रदेश में हैं। महिलाओं के हितों की रक्षा हेतु महिला आयोग का घटन हुआ है। अभी दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज मिरांडा हाउस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि कॉलेज के खिलाफ कार्यवाही क्यों की जाए।
जिस विषय पर दिल्ली महिला आयोग ने कारण बताओ नोटिस दिया है, वह बिलकुल बेतुका है। मुझे दिल्ली महिला आयोग इस विषय पर मानसिक दिवालिया नजर आती है। विषय की नजाकत को बिना देखे, बिना सोच विचार के कॉलेज प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर दिया।
मुद्दा इतना सा है कि हर रविवार को मिरांडा हाउस में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की क्लासेज लगती हैं। यह सुविधा लगभग दिल्ली विश्वविद्यालय के हर कॉलिज में उपलब्ध है। जिन विद्यार्थियों को नियमित डिग्री कोर्स में दाखिला नही मिलता, उनके लिए पढ़ने की बेहतरीन सुविधा दिल्ली विश्वविद्यालय ने दी है। इस सुनहरी अवसर को मेधावी छात्र सर-आंखों पर लेते है और कुछ मटरगस्ती के लिए कॉलेज जाते हैं।
जब विद्यार्थी पढ़ने के स्थान पर हुल्लड़ करें, कॉलेज परिसर में सेल्फी खींचते पाए जाए और मॉडलिंग करती नजर आएं, तब आप क्या सोचेंगे? आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? इस हुल्लड़बाजी से शान्ति भंग होती है और जो पढ़ना चाहते है, उनको पढ़ने नही दिया जाता। सेल्फी और मॉडलिंग की शौक़ीन युवतियों की हुल्लड़बाजी से परेशान कॉलेज ने नोटिस निकाला कि जो लड़की कॉलेज की शांति भंग करती नजर आती है, उसको कॉलेज परिसर से बाहर कर दिया जाएगा। लड़कियों ने इसका विरोध किया और शिकायत महिला आयोग में कर दी।
देश में शिकायत दर्ज करने का हक़ सबको है परंतु शिकायत उचित होनी चाहिए। कॉलेज पढ़ने का स्थान है। हुल्लड़बाज विद्यार्थियों पर लगाम जरूरी है। कॉलेज में सेल्फी लेने में आपत्ति नही है परंतु उनकी सेल्फी से शोर शराबा हो और पढ़ने आए विद्यार्थियों को कोई असुविधा हो। मॉडलिंग के लिए अलग से कॉलेज होते है। दिल्ली विश्वविद्यालय में मॉडलिंग का कोई कोर्स नही है।
मिरांडा हाउस के प्रिंसिपल का आदेश बहुत दिनों से सुर्खियों में है, परंतु दिल्ली महिला आयोग ने अपनी सीमा और हद से निकल कर कॉलेज प्रिंसिपल को जो कारण बताओ नोटिस दिया है, क्या उसका कोई औचित्य है? दिल्ली महिला आयोग को लड़कियों और विद्यार्थियों की शिकायत को खुद रद्द कर देना चाहिए था और उनको समझाना चाहिए था कि कॉलेज में सेल्फी और मॉडलिंग के लिए हुल्लड़बाजी छोड़े और पढ़ने में ध्यान दें।


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