Monday, January 09, 2017

श्रीराम तुम्हारे चरणों में

श्रीराम तुम्हारे चरणों में, हनुमान तुम्हारे चरणों में।
यह विनती है पल छिन-छिन की रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।

चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने।
चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।

मिलता है सच्चा सुख केवल श्रीराम तुम्हारे चरणों में।
चाहे आंगिन में मुझे जलन हो, चाहे कांटों पर मुझे चलना हो।
चाहे छोड़ के देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।
मिलता है सच्चा सुख केवल श्रीराम तुम्हारे चरणों में।

चाहे संकट ने मुझे घेरा हो, चाहे चारों और अंधेरा हो।
पर मन डगमगा मेरा हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।
मिलता है सच्चा सुख केवल श्रीराम तुम्हारे चरणों में।

जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरी याद सुबह और शाम रहे।
तेरी याद में आठों धाम रहें, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।
मिलता है सच्चा सुख केवल श्रीराम तुम्हारे चरणों में।

यह विनती है पल छिन-छिन की रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।
श्रीराम तुम्हारे चरणों में, हनुमान तुम्हारे चरणों में।





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