Monday, February 13, 2017

तेरा मेरा सांवरे कैसा नाता है


तेरा मेरा सांवरे कैसा नाता है।
दिन हो चाहे रात हो, तेरा सपना आता है।।

मीत बना तू मेरा और प्रीत लगाई ऐसी
दुनिया बनाने वाले, ये रीत चलाई कैसी
ना जाने तू कैसा-कैसा खेल रचता है
दिन हो चाहे रात हो, तेरा सपना आता है।
तेरा मेरा सांवरे कैसा नाता है।।

जिसको भी तू चाहे, उसको अपना बना ले
सब कुछ तेरे बस में, तू ही करने वाले
कर ना सके कोई भी, वह तू करके दिखाता है
दिन हो चाहे रात हो, तेरा सपना आता है।
तेरा मेरा सांवरे कैसा नाता है।।

अब ना टूटे कान्हा, यह तेरा मेरा बंधन
मेरा कुछ भी नही है, तेरा तुझको अर्पण
कन्हैया इस दिल को, केवल तू ही भाता है
दिन हो चाहे रात हो, तेरा सपना आता है।
तेरा मेरा सांवरे कैसा नाता है।।





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