कहानियां

Friday, February 17, 2017

वह ज्ञान दो वह ध्यान दो

हे जगत पिता, हे जगत प्रभु मुझे अपने नाम का दान दो।
तुझे अपने मन में देख लूं, वह ज्ञान दो वह ध्यान दो।
मुझे अपने नाम का दान दो।

मेरे मन में तेरा रंग हो, मेरा ज्ञान रंग तरंग हो।
मेरी काम क्रोध से जंग हो, मुझे लोभ मोह से अमान दो।
मुझे अपने नाम का दान दो।

प्रभु तेरी वाणी पढ़ा करूं, तेरा ही नाम जपा करूं।
तेरा साम गान मैं सुना करूं, यही सोच दो यही ध्यान दो।
मुझे अपने नाम का दान दो।

प्रभु तेरी शक्ति का बल मिले, मुझे धैर्य शक्ति प्रबल मिले।
जो मिले विचार अटल मिले, मुझे ऐसी ऊंची उड़ान दो।
मुझे अपने नाम का दान दो।

मेरा सरल शुद्ध व्यवहार हो, मुझे बैर भाव से आर हो।
मेरा हर किसी से प्यार हो, मुझे ऐसा प्रेम महान दो।
मुझे अपने नाम का दान दो।

मैं अपने मन को मिटा सकूं, मैं किसी के काम भी सकूं।
मैं किसी को अपना बना सकूं, मुझे ऐसी मधुर जबान दो।
मुझे अपने नाम का दान दो।

हे जगत पिता, हे जगत प्रभु मुझे अपने नाम का दान दो।
तुझे अपने मन में देख लूं, वह ज्ञान दो वह ध्यान दो।


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