Monday, February 20, 2017

भीतर है सखा तेरा


भीतर है सखा तेरा, तू मन टिका के देख
अन्तःकरण में ज्ञान की ज्योति जगा के देख।

हैं इंद्रियों की शक्तियां बाहर की ओर जो
बाहर की ओर से उन्हें भीतर को मोड़ दो
कर द्वार सकल बंद समाधी लगा के देख
भीतर है सखा तेरा, तू मन टिका के देख
अन्तःकरण में ज्ञान की ज्योति जगा के देख।

शुद्ध आत्मा से उसकी तू रचना का ध्यान कर
निश्चय ही झूम जायेगा महिमा का गान कर
श्रद्धा की देवी रूठी है इसको मना कर देख
भीतर है सखा तेरा, तू मन टिका के देख
अन्तःकरण में ज्ञान की ज्योति जगा के देख।

साथी पवित्र देव हों, बिगड़ी बने क्यों
जीवन यह तेरा भक्ति रस में सने क्यों
आदर्श भक्तों जैसा तू जीवन बना के देख
भीतर है सखा तेरा, तू मन टिका के देख
अन्तःकरण में ज्ञान की ज्योति जगा के देख।

मिलता है सखा तेरा इस  उपाय से
मिलता नहीं कदापि वह अन्यत्र जाये से
ईश्वर की वाणी मोहन है, तू आजमा के देख
भीतर है सखा तेरा, तू मन टिका के देख
अन्तःकरण में ज्ञान की ज्योति जगा के देख।




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