Wednesday, March 01, 2017

किस्सा-ए-कुर्ता पाजामा

चुनाव का माहौल है। प्रजातंत्र में चुनाव की हर बात हास्य उत्पन्न करती है। नेताओं के बोल, रंग ढंग, चुनाव रणनीति में स्वयं ही हास्य होता है और दूसरा व्यंग्य।

वोट दो, वोट दो, नेता जी को वोट दो। चुनाव में वोट मांगते नेता जी अपने काफिले के साथ एक गांव में पहुंचे। चुनावी रणनीति के तहत नेता जी ने रात गांव में गुजारनी थी और एक गरीब के घर खाना और सोना था।

नेता जी को एक बेहद गरीब व्यक्ति के घर रात गुजारनी थी। चुनावी रणनीति है जनाब क्या करें? चाहते हुए भी यह काम करना है, वरना नेता जी पांच तारा की सहूलियत के बिना घर से बाहर निलकते कहां हैं। ये तो प्रजातंत्र है जो चुनावों में नेता जी को फाइव स्टार सहूलियत छोड़ गांवों में गरीब के घर भी जाना, रहना और खाना पड़ता है। क्या करें पापी पेट का सवाल है। नाम तो पेट का कहते है असल तो दुकानदारी का है। अनेक प्रकार के पापड़ बेलने पड़ते हैं। जितने पापड़ बेलेंगें उतना अधिक लाभ।

तय समय अनुसार नेता जी अपने काफिले के साथ शाम के समय गांव पहुंच गए। सबसे गरीब व्यक्ति कालू के घर धावा बोल दिया। बेचारा कालू हाथ जोड़ इधर उधर हो रहा है। नेता जी के लोगों ने उसके कच्चे मकान पर कब्ज़ा कर लिया। फोटो पर फोटो खिंच गए की नेता जी एक गरीब के घर रात गुजारेंगे। फोटो खींचते ही सोशल मीडिया पर डाल दिए गए। मीडिया वालों को ईमेल कर दिए। वीडियो बन गई। हर तरह के मीडिया पर नेता जी छाए हुए थे।

कालू के घर की दाल रोटी नेता जी के गले नीचे उतर नही सकती थी। नेता जी का दल पूरी तैयारी के साथ आया था। हलवाई ने दाल मक्खनी और लच्छा पराठा नेता जी के लिए बनाया। नेता जी के साथ कालू की भी बल्ले-बल्ले। कच्ची पक्की रोटी खाने वाले कालू ने कभी दाल मक्खनी नही खाई। कालू ने नेता जी को दुआएं दी। आखिर बढ़िया खाना मिला कभी कालू ने ख्वाब में भी नही सोचा था।

रात को नेता जी ने खाट पर लेट कर फोटो खिंचवाई। सोशल मीडिया में तुरंत फोटो दाल दी गई। गरीबों के मसीहा नेता जी गरीब के घर सो रहे है। फोटो के तुरंत बाद नेता जी अपनी शानदार विलासता से भरपूर एसयूवीं गरीब रथ में सोए।

चुनावी रणनीति के तहत कालू ने भी नेता जी के साथ चुनावी रैली में हिस्सा लेना था। अगले दिन गांव-गांव घूम कर चुनाव प्रचार करना था। नेता जी ने अपने एसयूवी के गरीब रथ में बने स्नानघर में गर्म पानी से स्नान किया। स्नान क्या किया समझो आफत गई। सभी चेले इधर उधर। नेता जी के कपडे वाला सूटकेस तो घर में रह गया। उसे किसी ने उठाया ही नही। नेता जी चिल्ला रहे है कपडे कहां हैं। जो चेला सामने जाए उसकी शामत। घर से कपडे लाने में कम से कम चार घंटे चाहिए। आखिर नेता जी को कालू का कुर्ता-पाजामा पहनना पड़ा। नेता जी की फिर से सोशल मीडिया पर फोटो डलने लगी। गरीबों के सच्चे मसीहा नेता जी।

चुनाव रैली आरम्भ हुई। कालू खुली जीप पर खड़ा हो गया। उसने नेता जी के समर्थन में बोलना शुरू किया। नेता जी बहुत सज्जन पुरुष हैं। मेरे घर खाना खाया, सोये, रूपए दिए। वोट नेता जी को देना है। पीछे से नेता जी के चेले चिल्लाये। नेता जी को वोट दो। वोट दो, वोट दो नेता जी को वोट दो। नेता जी मंद-मंद मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ कर जनता से विन्रमता से मिल रहे थे। अंत में कालू ने कहा वोट नेता जी को दें, हां नेता जी ने कुर्ता-पाजामा मेरा पहना है।

नेता जी नाराज हो गए और कालू को सख्त हिदायत दी कि कुर्ता-पाजामा उसका है, यह बिलकुल नही बोलना।
अगले गांव में कालू फिर खुली जीप पर खड़ा हो कर बोलने लगा। उसने नेता जी के समर्थन में बोलना शुरू किया। नेता जी बहुत सज्जन पुरुष हैं। मेरे घर खाना खाया, सोये, रूपए दिए। वोट नेता जी को देना है। पीछे से नेता जी के चेले चिल्लाये। नेता जी को वोट दो। वोट दो, वोट दो नेता जी को वोट दो। नेता जी मंद-मंद मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ कर जनता से विन्रमता से मिल रहे थे। अंत में कालू ने कहा वोट नेता जी को दें, हां नेता जी ने जो कुर्ता-पाजामा पहना है वह नेता जी का नही है।

नेता जी नाराज हो गए कि कालू ने यह क्यों बोला कि कुर्ता-पाजामा मेरा नही है। कुर्ते-पाजामे का जिक्र ही नेता जी की छवि खराब कर रहा है और कालू को सख्त हिदायत दी कि कुर्ते-पाजामे का कोई जिक्र नही होगा।

अगले गांव में कालू ने खुली जीप पर खड़े हो कर जनसभा को फिर संबोधित किया। नेता जी बहुत सज्जन पुरुष हैं। मेरे घर खाना खाया, सोये, रूपए दिए। वोट नेता जी को देना है। पीछे से नेता जी के चेले चिल्लाये। नेता जी को वोट दो। वोट दो, वोट दो नेता जी को वोट दो। नेता जी मंद-मंद मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ कर जनता से विन्रमता से मिल रहे थे। अंत में कालू ने बोला वोट नेता जी को दें, हां नेता जी ने जो कुर्ता-पाजामा पहना है उसका कोई जिक्र नही है।

नेता जी सिर्फ इतना कह सके क़ाआआआ लूऊऊऊ और लुड़क गए।




Post a Comment

कब आ रहे हो

" कब आ रहे हो ?" " अभी तो कुछ कह नही सकता। " " मेरा दिल नही लगता। जल्दी आओ। " " बस...