Monday, March 27, 2017

बचना


कभी फूलों कभी खारों से बचना
कभी नेताओं कभी चमचों से बचना

जो मिलने का वायदा तोड़ें
उनसे मिलने से हमेशा बचना

ज़िंदा रखते नही मरने नही देते
कभी वकील कभी डॉक्टर से बचना

दुनिया सच्चों को जीने नही देती
सीधी राह पर चलने से बचना


Post a Comment

दस वर्ष बाद

लगभग एक वर्ष बाद बद्री अपने गांव पहुंचा। पेशे से बड़ाई बद्री की पत्नी रामकली गांव में रह रही थी। बद्री के विवाह को दो वर्ष हो चुके थे। विवा...