Tuesday, March 07, 2017

गुमनाम

निकला था घर से कुछ नाम कमाने के लिए
बोझ के तले दबता गया नाम कमाने के लिए
हंसता रहा गुमनाम हो कर दुनिया की भीड़ में
एक ज़िंदा लाश बन गया नाम कमाने के लिए


Post a Comment

विवाह उपरांत पढ़ाई

अनुप्रिया पढ़ने में होशियार थी। हर वर्ष स्कूल में प्रथम स्थान पर रहती थी। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन कॉलेज में भी कम नही हुई। उसकी इच्छा दिल्ल...