Thursday, April 20, 2017

मात पिता

माता तू ही पिता तू ही
सृष्टि का रचयिता तू ही
तू ही हमारा रक्षक है
तू ही हमारा पथपर्दशक है
तू ही जीवन तू ही मृत्यु
तेरी इच्छा से अस्तित्व है
हम हैं खिलौना तेरे हाथ के
भवसागर पार करा सतबुद्धि देके
मात पिता तू सृष्टि का
ईश्वर तेरे चरणों में नमस्तक हम


Post a Comment

मौसम

कुछ मौसम ने ली करवट दिन सुहाना हो गया रिमझिम बूंदें पड़ने लगी आषाढ़ में सावन आ गया गर्म पानी भाप बन कर उड़ गया ...