Friday, June 30, 2017

ऐ मेरे सद्गुरु

मेरे सद्गुरु प्रणाम बार-बार
होंठों पर हो आपका ही नाम बार-बार।
चरणों में हो मन सदा, चरण हो मंजिल सदा
हे दयालु भक्ति का दे दान।

मेरे दाता आपने क्या नही दिया हमें
धन्य-धन्य आपको प्रणाम बार-बार
मेरे सद्गुरु प्रणाम बार-बार
होंठों पर हो आपका ही नाम बार-बार।

सोये जग को फिर जगाने
आये हो गुरुवर सदा, भक्ति में मन को लगाना नाथ।
बार-बार ही जन्म, हर जन्म में आप हम
यूं ही हमको देना आओ ज्ञान बार-बार।
मेरे सद्गुरु प्रणाम बार-बार
होंठों पर हो आपका ही नाम बार-बार।

चांदनी का दीप लेकर, थाल फूलों से सजा
आरती हम आपकी करे रोज।
मेरे सद्गुरु प्रणाम बार-बार

होंठों पर हो आपका ही नाम बार-बार।
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