Friday, June 09, 2017

जीवन एक रेलगाड़ी

जीवन एक रेलगाड़ी है
मुखिया इंजन परिवार डिब्बे हैं
मालगाड़ी बन पूरी उम्र बोझ ढोती है
यात्रीगाडी बन सुख दुख की यात्रा करती है
कभी रेगिस्तान की तपती रेत से गुजरती है
कभी पर्वत श्रृंखला के बीच से गुजरती है
कभी घने जंगलों में से गुजरती है
कभी समुन्दर के किनारों पर चलती है
सृष्टि एक रेलवे स्टेशन है
जीवन की रेलगाड़ी आती जाती है




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