Monday, July 10, 2017

संदेश


मिला संदेश आने का
दौड़ कर पहुंच गए
कुछ नाराज से थे
मेरे हमदम मेरे खुदा
मिन्नत बहुत की
फिर भी रहे नाराज वो
खता क्या है
मुझे बता भी दे
मेरे हमदम मेरे खुदा
छोड़ी जाए
बंदगी उसकी
वो नाराज ही सही
मिलता तो है
कब मिलेगा तू
अब तो बता दे
मिलने का संदेश

अब तो भेज दे
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