Monday, July 31, 2017

हम अपना कर्म तो कर ही चुके


हम अपना कर्म तो कर ही चुके, अब कर्म तुम्हारा देखेंगे
जब शरण तुम्हारी ही गए, फिर कृपा तुम्हारी देखेंगे।

दुनिया की मोहब्बत को देखा, सब सखा संबंधी परख लिए
सुख में इन हंसने वालों ने, दुख में मेरा साथ दिया।

अब तू ही बता मेरे भगवन हम किसका सहारा देखेंगे
जब शरण तुम्हारी ही गए, फिर कृपा तुम्हारी देखेंगे।

तकदीर की चौखट पे हमने, कई दल के पासे देख लिए
अब रही मेरी चाह कोई सब रंग तमाशे देख लिए।

अब तेरी रजा के अंदर, हम करके गुजारा देखेंगे
जब शरण तुम्हारी ही गए, फिर कृपा तुम्हारी देखेंगे।

कुछ हंसते रहे कुछ रोये भी पर जीवन भर बैचैन रहे
एक तेरे दर्शन की खातिर, ये नैन मेरे बैचैन रहे।

जब बिछुड़े थे तब देखा था, अब मिलो दुबारा देखेंगे
जब शरण तुम्हारी ही गए, फिर कृपा तुम्हारी देखेंगे।

हम अपना कर्म तो कर ही चुके, अब कर्म तुम्हारा देखेंगे

जब शरण तुम्हारी ही गए, फिर कृपा तुम्हारी देखेंगे।
Post a Comment

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी

हुए हैं जब से शरण तुम्हारी , खुशी की घड़ियां मना रहे हैं करें बयां क्या सिफ़त तुम्हारी , जबां में ताले पड़े हैं। सु...