Monday, July 24, 2017

बुढापा


कुछ उम्र में बढ़ गया
कुछ जिस्म ढल गया
कुछ पुराना हो गया
कुछ बुढापा गया
कुछ अनुभव गया
कुछ कद्र भी पा गया
कुछ नए को समझा गया
कुछ बेक़द्र भी हो गया
कुछ दिल को समझ गया
कुछ नही पूरा बुढापा गया



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